भारत का भूगोल - भारत के उद्योग
भारत के उद्योग
लौह इस्पात उद्योग (Iron steel industry) :
देश में पहला लौह इस्पात कारखाना 1874 ई. में बराकर नदी के किनारे कुल्टी (आसनसोल पश्चिम बंगाल) नामक स्थान पर बंगाल आयरन वर्क्स (BIW) के रूप में स्थापित किया गया था l बाद में यह कंपनी फंड के अभाव में बंद हो गई तो इसे बंगाल सरकार ने अधिग्रहण कर लिया l और इसका नाम बराकर आयरन वर्क्स रखा l
देश में सबसे पहला बड़े पैमाने का कारखाना 1907 ई. में तत्कालीन बिहार राज्य में स्वर्ण रेखा नदी की घाटी में चाकती नामक स्थान पर जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित किया गया था l
स्वतंत्रता के पूर्व स्थापित लौह इस्पात कारखाना
1. भारतीय लौह इस्पात कंपनी : इसकी स्थापना 1918 ई.में पश्चिम बंगाल की दामोदर नदी घाटी में हीरापुर ( बाद में बर्नपुर कहा गया) नमक स्थान पर की गई थी l यहां 1922 ई. से उत्पादन शुरू हुआ l आगे चलकर कुल्टी बर्नपुर तथा हीरापुर स्थित संयंत्रों को इसमें मिला दिया गया l
2. मैसूर आयरन एंड स्टील वर्क्स : 1923 ईस्वी में मैसूर राज्य (वर्तमान कर्नाटक) के भद्रावती नामक स्थान पर स्थापित की गई थी l इस का वर्तमान नाम विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड (VISCL) है l
3. स्टील कॉरपोरेशन ऑफ बंगाल : इसकी स्थापना 1937 ई. बर्नपुर (पश्चिम बंगाल) में की गई l बाद में 1953 ईस्वी में इसे भारतीय लौह इस्पात कंपनी में मिला दिया गया l
स्वतंत्रता के पश्चात स्थापित लौह इस्पात कारखाना
दूसरी पंचवर्षीय योजनाकाल ( 1956-61 ई.) में स्थापित कारखाना
1. भिलाई इस्पात संयंत्र : इसकी स्थापना 1955 ईस्वी में तत्कालीन मध्यप्रदेश के भिलाई (दुर्ग जिला अब छत्तीसगढ़ राज्य) में पूर्व सोवियत संघ की सहायता से की गई थी l
2. हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड राउरकेला : इसकी स्थापना ओडिशा के राउरकेला नामक स्थान पर पश्चिमी जर्मनी की सहायता से की गई थी l
तृतीय पंचवर्षीय योजना काल में स्थापित कारखाना
बोकारो स्टील प्लांट : इसकी स्थापना 1968 ईस्वी में तत्कालीन बिहार राज्य (अब झारखंड) के बोकारो नामक स्थान पर पूर्व सोवियत संघ की सहायता से की गई थी l
चौथी पंचवर्षीय योजना काल में स्थापित कारखाना
1. सलेम इस्पात संयंत्र : (सलेम तमिलनाडु)
2. विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र : विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश)
3. विजयनगर इस्पात संयंत्र : हॉस्पेट वेलरी जिला (कर्नाटक)
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) : 24 जनवरी 1973 ईसवीं को 2000 करोड की पूंजी के साथ भारत इस्पात प्राधिकरण (Steel Authority of India) को भिलाई दुर्गापुर बोकारो राउरकेला बर्नपुर सलेम एवं विश्वेश्वरैया लौह इस्पात कारखाना को एक साथ मिलाकर संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई l
वर्ष 2014 ई. में भारत चीन, जापान तथा अमेरिका के बाद विश्व का चौथा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश है l स्पंज आयरन के उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है l
भारत का पहला तटवर्ती इस्पात कारखाना विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में लगाया गया l
2. एलुमिनियम उधोग (Aluminum industry ) :
भारत में एलुमिनियम का पहला कारखाना 1937 ई. में पश्चिम बंगाल में आसनसोल के निकट जे. के. नगर में स्थापित किया गया था l
1938 ई. में चार कारखाने तत्कालीन बिहार राज्य के मुरी केरल के अन्ल्वाये पश्चिम बंगाल के वेल्लूर तथा ओडिशा के हीराकुंड में स्थापित किए गए l
हिंदुस्तान एलुमिनियम का ऑपरेशन हिंडालको की स्थापना तत्कालीन मध्य प्रदेश के कोरबा नामक स्थान पर की गई l
मद्रास एल्युमीनियम कंपनी तमिलनाडु के मैटूर में स्थापित की गई
भारत के प्रमुख एलुमिनियम कंपनी
कंपनी सहायक देश प्रमुख केंद्र
बाल्को सोवियत संघ कोरबा एवं कोयना
नाल्को फ्रांस दामनजोड़ी (ओड़िशा)
हिंडालको यू एस ए रेणुकूट (उत्तर प्रदेश)
इनडालको कनाडा J. K. नगर मुरी अन्ल्वाये
माल्को इटली चेन्नई मेट्टूर सलेम
वेदांता जर्मनी झारसुगुड़ा
एलुमिनियम उत्पादन करने में भारत का विश्व में आठवां स्थान है l
नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) देश के सबसे बड़े समन्वित एलुमिनियम परिसर का गठन 7 जनवरी 1981 को किया गया था इसका पंजीकृत कार्यालय भुवनेश्वर में है l
3. सूती वस्त्र उद्योग (cotton textile industry) :
आधुनिक ढंग से सूती वस्त्र की पहली मिल की स्थापना 18 से 18 ईसवी में कोलकाता के समीप पोर्ट ग्लास्टर में की गई थी किंतु यह असफल रही थी l
सबसे पहला सफल आधुनिक सूती कपड़ा कारखाना 1854 ईसवी में मुंबई में कवासजी डावर द्वारा खोला गया जिसमें 1856 ईसवी से उत्पादन प्रारंभ हुआ l
शक्ति वस्त्र उद्योग का सर्वाधिक केंद्रीकरण महाराष्ट्र एवं गुजरात राज्य में हैl अन्य प्रमुख राज्य हैंl पश्चिम बंगाल मध्य प्रदेश तमिलनाडु आंध्र प्रदेश केरल उत्तर प्रदेश l
मुंबई को भारत के सूती वस्त्रों की राजधानी के उपनाम से जाना जाता है l
कानपुर को उत्तर भारत का मैनचेस्टर कहा जाता हैl
कोयंबटूर को दक्षिण भारत का मैनचेस्टर कहा जाता हैl
अहमदाबाद को भारत का बोस्टर कहा जाता हैl
भारतीय अर्थव्यवस्था में कपड़ा उद्योग का स्थान कृषि के बाद दूसरा है l यह भारत का सबसे प्राचीन उद्योग है l यह देश का सबसे बड़ा संगठित एवं व्यापक उद्योग है यह उद्योग देश में कृषि के बाद रोजगार प्रदान करने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र हैl
औद्योगिक उत्पादन में वस्त्र उद्योग का योगदान 14% हैl देश के सकल घरेलू उत्पाद (जी. डी. पी.) में यह उद्योग 4% एवं देश की निर्यात आय में 11% योगदान है (स्रोत भारत 2015) l
रोजगार प्रदान करने की दृष्टि से कृषि के बाद वस्त्र उद्योग दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र हैl
4. जूट उद्योग (Jute industry) :
सोने का रेशा (Golden fibre) के नाम से मशहूर जूट के रेशों से सामानों का निर्माण करने में भारत को विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त हैl
इसका पहला कारखाना कोलकाता के समीप रिशरा नामक स्थान पर 1859 ईसवी में लगाया गया था l
भारतीय जूट निगम की स्थापना 1971 ईस्वी में जूट के आयात निर्यात एवं आंतरिक बाजार की देखभाल के लिए की गई है l
भारत विश्व के 35% जूट के सामानों का निर्माण करता है और दूसरा बड़ा निर्यातक राष्ट्र हैl
जूट उद्योग से संबंधित प्रमुख स्थान
पश्चिम बंगाल - टीटागढ़, रिशरा, बाली, अगर पाड़ा, बांसबेरिया, कान किनारा, उलबेरिया,सीरामपुर, बजबज, हावड़ा, श्याम नगर, शिवपुर, सियालदह, बिरलापुर, होली नगर, बैरकपुर l
आंध्र प्रदेश - विशाखापट्टनम, गुंटूर l
उत्तर प्रदेश- कानपुर, सहज नवा (गोरखपुर)
बिहार- पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, दरभंगा l
नोट : अंतरराष्ट्रीय जूट संगठन की स्थापना 1984 में हुई थी l इसका मुख्यालय ढाका में है l
5. चीनी उद्योग (Sugar industry) :
भारत में आधुनिक चीनी उद्योग की शुरुआत 1903 ईस्वी में बिहार में पहली चीनी मिल की स्थापना के साथ हुई
भारत के निम्न राज्य चीनी उद्योग से संबंधित है -
उत्तर प्रदेश- देवरिया, भटनी, पडरौना, गोरखपुर, गौरी बाजार, सिसवां बाजार, बस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर, कानपुर, फैजाबाद एवं मुजफ्फरनगर आदि l
बिहार- मोतिहारी, सुगौली, मझौलिया, चनपटिया, नरकटियागंज, मढोरा, सासामुसा, मोतीपुर गोपालगंज डालमियानगर, सारण,समस्तीपुर, दरभंगा, चंपारण, हसनपुर आदि l
महाराष्ट्र- मनसद, नासिक, अहमदनगर, पुणे, सोलापुर, एवं कोल्हापुर l
पश्चिम बंगाल - तेलडांगा, पलासी, हावड़ा एवं मुर्शिदाबाद l
पंजाब- हमीरा, फगवाड़ा, अमृतसर l
हरियाणा- जगधारी एवं रोहतक l
तमिलनाडु- अर्काट, मदुरै, कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली l
आंध्र प्रदेश- सीतापुरम, पिठापुरम, विजयवाड़ा, हॉस्पेट, एवं साभलकोट l
राजस्थान- गंगानगर, भूपाल सागर l
6. सीमेंट उद्योग Cement industry):
विश्व में सबसे पहले आधुनिक रूप से सीमेंट का निर्माण 1824 ई. में ब्रिटेन के पोर्टलैंड नामक स्थान पर किया गया था l
भारत में आधुनिक ढंग से सीमेंट बनाने का पहला कारखाना 1904 में मद्रास में लगाया गया था जो असफल रहा l
मद्रास के कारखाने के बाद 1912-13 की अवधि में इंडियन सीमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर कारखाने की स्थापना की गई जिसमें 1914 ई. से उत्पादन का आरंभ हुआ l
एसोसिएट सीमेंट कंपनी लिमिटेड (A.C.C.) की स्थापना 1936 में की गई थी l
भारत के प्रमुख सीमेंट उत्पादक राज्य
मध्य प्रदेश- सतना, कटली, जबलपुर, रतलाम l
हरियाणा- चरखी दादरी l
छत्तीसगढ़- दुर्ग, जामुल, तिल्दा, मंधार, अलकतरा l
ओडिशा- राजगंगपुर l
झारखंड- जपला, खेलारी, कल्याणपुर, सिंदरी, और झींकपानी l
उत्तर प्रदेश- मिर्जापुर, चुर्क l
आंध्र प्रदेश- कृष्णा, विजयवाड़ा, मनचेरियल, मछेरिया, पनयम l केरल- कोट्टायम l
कर्नाटक- भोजपुर, भद्रावती, बागलकोट, बंगलुरु l
पंजाब- सूरजपुर l
तमिलनाडु- डालमियापुरम, मधुकराए, तुल्कापट्टी l
गुजरात- पोरबंदर/ द्वारका, सीका ( जामनगर), और भावनगर, सेवालियम और रानायाय l
राजस्थान- जयपुर, लखेरी l
7. कागज उद्योग (paper industry) :
कागज का पहला सफल कारखाना 1879 में लखनऊ में लगाया गया l
मध्यप्रदेश के नेपानगर में अखबारी कागज तथा होशंगाबाद में नोट छापने के कागज बनाने का सरकारी कारखाना है l
कागज के प्रमुख उत्पादक राज्य
पश्चिम बंगाल- टीटानगर, रानीगंज, नैहाटी, त्रिवेणी, कोलकाता, हुगली, बड़ा नगर, शिवरफुली l
आंध्र प्रदेश- राजमहेंद्री, तिरुपति आदि l
तेलंगाना, सिरपुर, कागज नगर l
उत्तर प्रदेश- सिकंदराबाद, मेरठ, सहारनपुर, पिपराइच, मुजफ्फरनगर ,पिलखुआ, लखनऊ, नैनी l
झारखंड- संथाल परगनाl
बिहार- पटना, बरौली, समस्तीपुर आदि l
मध्य प्रदेश- नेपानगर( अखबारी कागज बनाने का सरकारी कारखाना) l
तमिलनाडु- पट्टी पलायम ( सलेम), चरण महादेवी ( तिरुनलवेली) व पालनी l
महाराष्ट्र- मुंबई, पुणे, बल्लारपुर, चंद्रपुर, कल्याण, कराड, पिंपरी, भिवंडी, रोहा l
गुजरात- वापी, सूरत, बड़ोदरा, राजकोट, बरजोद, उदावडा आदि l
8. रासायनिक उर्वरक उद्योग (chemical fertilizer industry) :
ऐतिहासिक रूप से देश में सुपर फास्फेट उर्वरक का पहला कारखाना 1906 में तमिलनाडु के रानीपेट नामक स्थान पर स्थापित किया गया था l
1944 ईस्वी में कर्नाटक के बेलेगुला नामक स्थान पर मैसूर केमिकल एंड फर्टिलाइजर्स के नाम से अमोनिया उर्वरक का कारखाना लगाया गया l
1947 में अमोनिया सल्फेट का पहला कारखाना केरल के अलवय नामक स्थान पर खोला गया l
भारतीय उर्वरक निगम की स्थापना 1951 में की गई, जिसके तहत एशिया का सबसे बड़ा उर्वरक संयंत्र सिंदरी स्थापित किया गया l
भारत पोटाश के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है l
भारत में नाइट्रोजनी उर्वरक की खपत सबसे अधिक है l भारत में 2010-11 में N.P.K. उर्वरकों की प्रति हेक्टेयर खपत 144.14 किग्रा थी l
भारत में प्रति हेक्टेयर उर्वरक खपत में प्रथम स्थान पंजाब का है l और दूसरा एवं तीसरा स्थान क्रमशः आंध्रप्रदेश तथा हरियाणा का है l
कोक आधारित उर्वरक इकाइयां तालचर ( ओडिशा), रामागुंडम ( आंध्र प्रदेश) तथा कोरबा ( छत्तीसगढ़) में अवस्थित है l
भारत के प्रमुख रासायनिक उर्वरक उत्पादक राज्य
उत्तर प्रदेश- कानपुर, गोरखपुर, इलाहाबाद ( फूलपुर)
झारखंड- सिंदरी
महाराष्ट्र- मुंबई, ट्रांबे, अंबरनाथ, एवं लोनी
राजस्थान- खेतड़ी, सलादीपुर एवं कोटा
पश्चिम बंगाल- बर्नपुर, हल्दिया ,रिशरा, एवं खारदाह
बिहार- बरौनी
कर्नाटक- मंगलुरु, बेलागुला, तथा मुनीराबाद
ओडिशा- राउरकेला, तलचर
गुजरात- कांडला, बड़ोदरा, हजीरा, भावनगर
आंध्र प्रदेश- विशाखापट्टनम, तादेपल्ली तनुकू
तमिलनाडु- न्येबेली, रानीपेट, इन्नोर, कोयंबटूर, तुनिकोरिन आवाडी एवं मनाली
कृभको का गैस आधारित यूरिया अमोनिया संयंत्र हजीरा (गुजरात) में है l
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर एवं जगदीशपुर के कारखाना भी गैस आधारित है l
9.जलयान निर्माण उद्योग :
भारत में जलयान निर्माण का प्रथम कारखाना 1941 में सिंधिया स्टीम नेविगेशन कंपनी द्वारा विशाखापट्टनम में स्थापित किया गया था l 1952 में भारत सरकार द्वारा इसका अधिग्रहण करके हिंदुस्तान शिपयार्ड विशाखापट्टनम नाम दिया गया l
सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य इकाइयां जो दलिया जलयानों का निर्माण करती है-1. गार्डन रीच वर्कशॉप लिमिटेड कोलकाता ( पश्चिम बंगाल) 2. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड गोवा 3. मंझगांव डाक लिमिटेड मुंबई (महाराष्ट्र)
10. वायुयान निर्माण उद्योग :
भारत में वायुयान निर्माण का प्रथम कारखाना 1940 ई. में बंगलुरु में हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट कंपनी के नाम से स्थापित किया गया है l अब इसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता है l आज बंगलुरु में ही इसकी पांच इकाइयां तथा कोरापुट, कोरबा, नासिक, बैरकपुर, लखनऊ, हैदराबाद, तथा कानपुर में एक-एक इकाइयां वायुयानों के निर्माण कार्य में संलग्न है l
11. मोटरगाड़ी उद्योग :
मोटरगाड़ी उद्योग को विकास उद्योग के नाम से जाना जाता है l
उद्योग से संबंधित प्रमुख इकाइयां है - हिंदुस्तान मोटर ( कोलकाता), प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स लिमिटेड ( मुंबई), अशोक लीलैंड ( चेन्नई), टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी लिमिटेड ( जमशेदपुर), महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ( पुणे), मारुती उद्योग लिमिटेड गुडगांव ( हरियाणा), सनराइज इंडस्ट्रीज ( बंगलुरु) l
12. दवा निर्माण उद्योग :
प्रमुख स्थान : मुंबई, दिल्ली, कानपुर, हरिद्वार, ऋषिकेश, अहमदाबाद, पुणे, पिंपरी ( पेंसिलीन), मथुरा, हैदराबाद आदि l
13. शीशा उद्योग (lead industry) :
भारत में शिशा उद्योग का केंद्रीकरण रेल की सुविधा वाले स्थानों में देखने को मिलता है इस उद्योग का विकास मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु राज्य में हुआ है l
फिरोजाबाद एवं शिकोहाबाद भारत में शिशा उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र है l
शिशा उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र
पश्चिम बंगाल- बेलगछिया, सीतारामपुर, रिसड़ा, बर्दवान, रानीगंज एवं आसनसोल
झारखंड- जमशेदपुर, हजारीबाग, धनबाद
महाराष्ट्र- मुंबई, पुणे, दादर, सतारा, सोलापुर, एवं नागपुर
गुजरात- बड़ौदा, मोरवी
बिहार- पटना एवं कहलगांव
राजस्थान- जयपुर
उत्तर प्रदेश- नैनी, रामनगर, बहजोई, बालाबाली एवं फिरोजाबाद
अन्य स्थान- अंबाला, अमृतसर, हैदराबाद, जबलपुर, एवं गुवाहाटी
14. अभियांत्रिकी उद्योग :
प्रमुख स्थान : हटिया, दुर्गापुर,विशाखापट्टनम, कुटीर उद्योग बोर्ड 1948
नैनी, बंगलुरु, अजमेर, जादवपुर आदि l केंद्रीय सिल्क बोर्ड 1949
भारी इंजीनियरिंग निगम लिमिटेड (H.E.C.) रांची की अखिल भारतीय खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड 1954
स्थापना 1958 ईस्वी में की गई थी l अखिल भारतीय हस्तकला बोर्ड 1953
लघु उद्योग बोर्ड 1954
केंद्रीय विक्रय संगठन ( चेन्नई) 1958
रेल उपकरण उद्योग :
चितरंजन (पश्चिम बंगाल) रेल के इंजन बनाने का सबसे पुराना कारखाना है इस कारखाने की स्थापना 26 जनवरी 1950 के दिन चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स के नाम से हुई वर्तमान में वहां विधुत इंजन का निर्माण हो रहा है l
डीजल से चलने वाले इंजनों का निर्माण वाराणसी में होता है l
रेलवे इंजन का निर्माण का कार्य जमशेदपुर (झारखंड) में होता है l
रेल के डिब्बे बनाने का प्रमुख केंद्र चेन्नई के समीप पेरंबूर नामक स्थान पर सन 1952 में स्थापित किया गया और इसमें उत्पादन की शुरुआत 2 अक्टूबर 1955 से शुरू हुई इसके अन्य प्रमुख केंद्र बेंगलुरु तथा कोलकाता है पंजाब के कपूरथला में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री की स्थापना की गई है रायबरेली (उत्तर प्रदेश) में कचरापारा (पश्चिम बंगाल) में रेलवे कोच फैक्ट्री की नई उत्पादन इकाई लगाई गई है केरल के पाला कार्ड में भी रेल कोच फैक्ट्री लगाया जा रहा है बिहार के मढौरा में डीजल इंजन मधेपुरा में विधुत इंजन कारखाना लगाया जा रहा है छपरा (बिहार) में रेल व्हील फैक्ट्री स्थापित की गई है पश्चिम बंगाल के दनकुनी में विधुत व डीजल इंजिन के अवयव बनाने की दो फैक्ट्री लगाई जा रही है l
नोट: आई आई टी रुड़की में देश के पहले रेलवे इंजन थॉमसन को संरक्षित किया गया है l
16. ऊनी वस्त्र उद्योग:
भारत में ऊनी वस्त्र की पहली मिल 1876 में कानपुर में स्थापित की गई परंतु इस उद्योग का वास्तविक विकास 1950 ईस्वी के बाद ही हुआ है पंजाब में लुधियाना, जालंधर, धारीवाल, अमृतसर इस उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र हैं
ऊनी वस्त्र के महत्वपूर्ण केंद्र
कर्नाटक- बेंगलुरु, मैसूर
पंजाब- अमृतसर, धारीवाल
जम्मू कश्मीर- श्रीनगर
उत्तर प्रदेश- मिर्जापुर, आगरा, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर
राजस्थान- जयपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, जोधपुर
ब्रिटेन, यू एस ए , कनाडा, जर्मनी आदि भारतीय कालीनों के महत्वपूर्ण आयातक हैं l
नोट: चिरु या तिब्बती एंटीलोप एक विलुप्तप्राय जीव है जिसका शिकार शहतूश नामक इसके ऊन लिए होता है जो वजन में हल्का एवं अत्यधिक गर्म होता है
17. बिजली के सामान:
भोपाल, हरिद्वार, रामचंद्रपुरम, (हैदराबाद) तिरुचिरापल्ली एवं कोलकाता बिजली के सामान बनाने की महत्वपूर्ण केंद्र है l
18. टेलीफोन उद्योग :
बंगलुरु एवं रूपनारायणपुर टेलीफोन उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र हैं l
19. रेशम उद्योग :
, भारत एक ऐसा देश है जहां शाह्तूती, एरी, तसर, एवं मूंगा सभी 4 किस्म के रेशम का उत्पादन होता है l मूंगा रेशम उत्पादन में भारत को एकाधिकार प्राप्त है l
संस्थान स्थान
केंद्रीय रेशम अनुसंधान प्रशिक्षण मैसूर एवं ब्रह्मापुर
केंद्रीय ईरी रेशम अनुसंधान मेंदी पाथर (मेघालय)
केंद्रीय टसर अनुसंधान प्रशिक्षण रांची ( झारखंड)
कर्नाटक देश का 41% से अधिक कच्चा रेशम उत्पादन करता है यहां शहतूती ( मलबेरी) रेशम बनाया जाता है यहां देश का 56% रेशमी धागा बनाया जाता है l
रेशम उत्पादन आंध्र प्रदेश (35%) दूसरे स्थान पर हैं l
भारत के कुल कपड़ा निर्यात में रेशमी वस्त्रों का योगदान लगभग 30% है l
गैर शहतूती रेशम मुख्यतः असम, बिहार और मध्यप्रदेश से प्राप्त होता है l
रेशम उद्योग के प्रमुख केंद्र
जम्मू कश्मीर- श्रीनगर, जम्मू, उधमपुर, अनंतनाग, बारामूला
गुजरात- अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, पोरबंदर
पंजाब- अमृतसर, गुरुदासपुर, होशियारपुर, लुधियाना
बिहार- भागलपुर, गया, पटना
तमिलनाडु- सलेम, तंजौर, कांजीवरम, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर
कर्नाटक- बंगलुरु, मैसूर
पश्चिम बंगाल- मुर्शिदाबाद, बाँकुड़ा, हावड़ा, चौबीस परगना
उत्तर प्रदेश- मिर्जापुर, वाराणसी, शाहजहांपुर
नोट: भारत चीन के बाद विश्व का द्वितीय रेशम उत्पादक देश ( 18%) है l
चर्म उद्योग:
भारत में चर्म उद्योग के मुख्य केंद्र, कानपुर, आगरा, मुंबई, कोलकाता, पटना तथा बंगलुरु है l
कानपुर चर्म उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र है यह जूते बनाने के लिए प्रसिद्ध है l
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